क्या आरोग्य सेतु ऐप को इंस्टाल करना आवश्यक है

आरोग्य सेतु ऐप को 2 अप्रैल 2020 को लॉन्च किया था. लेकिन क्या यह एप्लीकेशन  देश के हर नागरिक के मोबाइल में होना आवश्यक है. आज कोरोना वायरस यानि covid- 19 के कारण जिस प्रकार पूरा विश्व लाचार और बेवस जीवन जीने के लिए मजबूर हो चुका है, ऐसा शायद ही कभी देखने को मिला हो, कोरोना वायरस के भयावह प्रसार से जिस तरह दुनिया के तमाम देशों ने कई कदम उठाये है, भारत ने भी इस दिशा में लॉकडाउन का तरीक़ा अपनाया है.

बीते 25 मार्च से ही देश में lockdown है. और सरकार ने भी इस महामारी को रोकने के लिए कई कदम उठाये हैं. सरकार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तकनीक का सहारा भी अपना रही है.

आरोग्य सेतु ऐप

जैसा कि आप जानते होंगे कि आरोग्य सेतु ऐप को कोरोना महामारी के दौरान क्यों अपने फ़ोन में install करने को कहा जा रहा है. क्या आरोग्य सेतु ऐप को इंस्टाल करना आवश्यक है या नहीं इसी विषय में आज इस पोस्ट में विस्तार से बताया जायेगा.

आरोग्य सेतु ऐप क्या है ?


आरोग्य सेतु राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित एक सीओवीआईडी कोविड 19 ट्रैकिंग मोबाइल एप्लीकेशन है जो भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

इस ऐप की मदद से आसपास के कोविड 19 मरीज़ के बारे में जानकारी हासिल की जाती है. आरोग्य सेतु ऐप कोविड-19 संक्रमण के जोख़िम का आंकलन करने और जरुरत पड़ने पर आइसोलेशन सुनिश्चित करने में मदद करता है. भारत सरकार ने

भारत सरकार ने 29 अप्रैल  के दिन एक ज्ञापन में कहा था कि  कोविड 19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आरोग्य सेतु ऐप का प्रभावी इस्तेमाल इसके अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देशों का सख़्ती से पालन करना आवश्यक है.

सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश जारी :



  • केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत  सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने मोबाइल पर 'आरोग्यसेतु' ऐप डाउनलोड करना चाहिए.

  • ऑफ़िस में कार्य शुरू करने से पूर्व आरोग्यसेतु एप के माध्यम से अपनी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए. यदि एप्लीकेशन आपको सुरक्षित या कम जोखिम की स्थिति दिखाए तभी आप अपना आना जाना सुनिश्चित करेंगे.

  • सभी कर्मचारियों को यह सलाह दी जाती है कि अगर एप पर आपको मध्यम या उच्च जोख़िम दिखता है तो आपको तब तक ऑफिस नहीं आना है जब तक  आरोग्य सेतु एप  पर स्थिति 'सुरक्षित' या 'कम जोख़िम' वाली न हो जाए.


आपको बता दें कि इस ज्ञापन में सपष्ट रूप से लिखा है कि  आरोग्य सेतु ऐप केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है, लेकिन सवाल यह है कि जो लोग सरकार के अधीन कार्य नहीं करते क्या यह एप  उनके लिए भी अनिवार्य है?

इसी सन्दर्भ में सुप्रीम कोर्ट के  एक नामी वकील और साइबर कानून के एक्सपर्ट विराग गुप्ता का कहना है कि अगर COVID-19 के सन्दर्भ में सरकार द्वारा कुछ जगहों पर ही इसे अनिवार्य करने के आदेश जारी किये हैं.

केंद्र सरकार के कर्मचारी या फिर प्रवासी मज़दूर जो अपने राज्य वापस जा रहे हैं. उनके लिए इसे अनिवार्य करने के आदेश दिए गए हैं. लेकिन कुछ जगहों पर इसे अनिवार्य करने के प्रयास किये जा रहे हैं जो कानूनन सही नहीं है.

आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ी ख़ास जानकारी :


अधिवक्ता विराग गुप्ता ने ऐप डाउनलोड को लेकर निजता के हनन का जिक्र भी किया है, सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की बेंच द्वारा निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर मान्यता दी है.

निजता के अधिकार कि बात करें तो यह सपष्ट है,कि आरोग्य सेतु एप को इंस्टाल करने को किसी भी दशा में अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है. विधिक विसंगति के मामले में सरकार के क़ानूनी क्षेत्राधिकार  का यह पहला मामला नही है. लॉकडाउन के दौरान  भी कई ऐसे भी मामले देखे गए है जिसमे सरकार के पास पर्याप्त वैधानिक शक्ति नहीं है.

लॉकडाउन के दौरान समानता, स्वतंत्रता, जीवन के अधिकार प्रभावित हुए हैं. लेकिन आपको बता दे कि Lockdown जैसे स्थिति केवल जनता की सुरक्षा को सर्वोपरी मानते हुए किया गया है. इसे चाहे तो सरकार की विवशता भी कहा जा सकता है.

यह भयावह स्थिति केवल भारत ही नहीं अपितु पुरे विश्व में उत्पन्न हुई है. लॉक डाउन  तीन क़ानूनों एपिडैमिक डिज़ीज़ एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और सीआरपीसी 144 के तहत लागू किया गया है. फिलहाल न्यायिक व्यवस्था ठप होने के कारण सरकारी आदेशों पर कोई बहस नहीं हो रही है, लेकिन इस बुरे वक्त को गुजरने के बाद कई सवाल खड़े  हो सकते हैं.

आरोग्य सेतु एप को इंस्टाल करने के संबंध सरकार का कहना है कि किसी भी यूजर कि गोपनीयता बनी रहेगी, पर जिस प्रकार दिनों दिन साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे है, ऐसे में उसके संभावित ख़तरे को नजरंदाज भी नही किया जा सकता है.

क्या आरोग्य सेतु ऐप को इंस्टाल करने से इनकार किया जा सकता है ?


आम लोगों के लिए यह एडवाइज़री जारी की गई है कि इस एप्लीकेशन को अपने फ़ोन में इंस्टाल करें, लेकिन यह कोई कानूनन नही है. सुरक्षा की दृष्टि से यदि कोई स्थानीय निकाय या अथॉरिटी अपने परिसर में इसे अनिवार्य करती है तो उसे विशेषाधिकार के रूप में देखा जा सकता है, क्योकि यह केवल और केवल मानव सुरक्षा के लिए  किया जा रहा है. ऐसे में एप इंस्टाल करने से  इनक़ार करना तर्कसंगत नहीं है.

क्या आरोग्य सेतु ऐप उपयोगी है ?


इस ऐप में निजता का ख़याल रखा गया है. गोपनीयता सुनिश्चित  करने के लिए किसी भी यूजर का व्यक्तिगत डेटा आधुनिक तकनीक से एनक्रिप्ट किया गया है. जिससे डेटा के गलत इस्तेमाल होने की संभावना बहुत कम होती है. लेकिन इस एप को और भी बेहतर बनाये जाने से इनकार नही किया जा सकता. इस एप्लीकेशन में कई नए फीचर को जोड़ा जा रहा है  जैसे कि पीएम फंड के लिए पेमेंट और ई-पास.

 

ऐसे में कहा जा सकता है कि पहले की अपेक्षा यूजर के डेटा कलेक्शन में भी वृद्धि होगी. यह एप्लीकेशन किस प्रकार आपको फायदा देता है या आपके आस पास के covid-19 संक्रमित लोगो को डिटेक्ट करता है. इसका अभी कोई सपष्ट प्रमाण नही मिला है.

आरोग्य सेतु एप को 11 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है. भारत तकनीकी मदद से कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने वाला यह पहला देश नही है. इसराइल चीन, दक्षिण कोरिया, अमरीका, सिंगापुर जैसे देश भी तकनीकी मदद ले रहें हैं.

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